ब्लैक बॉक्स क्या है ? और ये कैसे काम करता है ?

ब्लैक-बॉक्स-क्या-है

ब्लैक बॉक्स क्या है ? और ये कैसे काम करता है ?

आज के आर्टिकल में हम आपको ब्लैक बॉक्स के बारे में बताने जा रहे है की ब्लैक बॉक्स क्या है ? और ये ब्लैक बॉक्स कैसे काम करता है ? इससे जुडी बहुत सी महत्वपूर्ण बाते रोचक तथ्यों के साथ | तो चलिए जानते है इसके बारे में सब कुछ |सबसे पहले तो मैं आपको बता देता हूं कि इसका सिर्फ नाम ही ब्लैक बॉक्स है असलियत में ब्लैक नहीं है ऑरेंज कलर का होता है| क्योंकि जब कोई हेलीकॉप्टर क्रैश होता है तो ऑरेंज कलर आसानी से दिखाई दे जाता है ताकि हेलीकॉप्टर क्रैश के बाद में आसानी से मिल सके इसलिए इसका कलर ऑरेंज होता है ब्लैक बॉक्स तो इसका नाम इसलिए रखा गया है क्योंकि यह एक क्रैश एक्सीडेंट जैसी इंफॉर्मेशन से जुड़ा हुआ है इसलिए इसको ब्लैक बॉक्स कहते हैं यह ब्लैक बॉक्स हेलीकॉप्टर में भी हो सकता है और एयरप्लेन में भी हो सकता है लेकिन सभी हेलीकॉप्टर में नहीं होता क्योंकि इसको हेलीकॉप्टर में इंस्टॉल करना काफी ज्यादा महंगा होता है इसलिए बहुत से हेलीकॉप्टर में नहीं होता है सिर्फ कुछ ही हेलीकॉप्टर्स में यह होता है जिस हेलीकॉप्टर या एयरप्लेन में ब्लैक बॉक्स लगा रहता है उसमें दो ब्लैक बॉक्स होते हैं |

  1. एक ब्लैक बॉक्स का नाम है  – कॉकपिट साउंड रिकॉर्डर ( सीएसआर )
  2. और दुसरे ब्लैक बॉक्स का नाम है – फ्लाइट डाटा रिकॉर्डर ( एफडीआर )

दोनों का काम है हेलीकॉप्टर या एयरप्लेन में जो भी एक्टिविटी है उसको रिकॉर्ड करना लेकिन दोनों अलग-अलग चीजें रिकॉर्ड करते हैं| आईये कुछ मुख्य बिंदुओं से जानते है इन दोनों के काम के बारे में |

कॉकपिट साउंड रिकॉर्डर

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जो कॉकपिट साउंड रिकॉर्डर है यह बहुत सारी वॉइस को रिकॉर्ड करता है|

  • जब कोई इमरजेंसी कंडीशन आ जाती है तब कॉकपिट में जो पायलट है|
  • वह क्या डिसीजन ले रहे हैं|
  • आपस में क्या बातचीत कर रहे हैं इन माइक्रोफोन के थ्रू उस वॉइस को रिकॉर्ड करता है|
  • इंजन किस तरीके से साउंड कर रहा है उसको भी रिकॉर्ड करता है|
  • स्टॉल वार्निंग आती है जब हेलीकॉप्टर नीचे आने लग जाता है|
  • लिफ्ट फोर्स हेलीकॉप्टर का काम नहीं करता|
  • जो हवा का रजिस्टेंस होता है उससे जो वार्निंग आती है उनकी साउंड को रिकॉर्ड करता है|
  • जो लेंडिंग गियर है जो एक प्रेशराइज हाइड्रोलिक सिस्टम है उसमें जो फ्लूइड है वह किस तरीके से काम कर रहा है उसकी रिएक्शन को भी रिकॉर्ड करता है|

जो भी इंस्ट्रूमेंट है उन पर जो पॉपअप्स आते हैं और जो क्लिक्स किए जाते हैं उनकी साउंड को भी रिकॉर्ड करता है इंजन आरपीएम में किस तरीके से बढ़ रहे हैं या कम हो रहे हैं कौन से टाइम पर कौन सा इवेंट हो रहा है | उसके साथ में एयर ट्रेफिक कंट्रोल से जो कम्युनिकेशन हो रहा है और जो मौसम की कंडीशन है जो ऑटोमेटिक सिस्टम से मिल रही है उन सभी को यह रिकॉर्ड करता है तो हर छोटी से छोटी साउंड को रिकॉर्ड करके स्टोर करता है |

फ्लाइट डाटा रिकॉर्डर

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  • यह ब्लैक बॉक्स 88 टाइप के डाटा को रिकॉर्ड करता है|
  • जिनमें जो एयरप्लेन या हेलीकॉप्टर है वह किस स्पीड से चल रहा है|
  • किस रस्ते पर चल रहा है|
  • हेलीकॉप्टर की वर्टिकल स्पीड क्या है|
  • कितनी ऊंचाई पर एयरक्राफ्ट उड़ रहा है|
  • केबिन का टेंपरेचर कितना है|
  • एयर का प्रेशर कितना है|
  • एयर किस स्पीड से चल रही है|
  • इंजन किस पावर से चल रहा है|
  • क्या-क्या ऑपरेशन और कॉन्फ़िगरेशन परफॉर्म किए जा रहे हैं|
  • एयरक्राफ्ट ऊपर उड़ने के लिए कितना लिफ्ट फोर्स लगा रहा है|
  • कितना एयरक्राफ्ट को ड्रैग फोर्स का सामना करना पड़ रहा है|
  • एयरक्राफ्ट में जितने भी फंक्शन काम कर रहे हैं उनका बिहेवियर कैसा है|
  • इन सबको मिलाकर 88 तरह के डाटा को ये रिकॉर्ड करता है|

अब यह ब्लैक बॉक्स इतना सारा डाटा एक सॉलिड स्टेट मेमोरी चिप में स्टोर करता है एक तरीके से हम कह सकते हैं कि यह ब्लैक बॉक्स एक हार्ड डिस्क या मेमोरी की तरह है जो डाटा को सिर्फ स्टोर करता है और इसकी कैपेसिटी 25 घंटे तक डाटा को स्टोर करने की है |

जब हेलीकॉप्टर क्रैश होता है और एक जबरदस्त धमाके से उसमें सब कुछ खत्म हो जाता है | फिर यह ब्लैक बॉक्स उसमें कैसे बच जाता है ?

सबसे पहले बात तो इस ब्लैक बॉक्स का जो एयरक्राफ्ट की जो पूछ होती है वहां पर रखा जाता है पीछे की तरफ और जब कोई क्रैश होता है तो उसका इंपैक्ट टेल पर सबसे कम आता है | दूसरा रीजन इसकी मैन्युफैक्चरिंग बहुत ही पावरफुल मटेरियल प्लेटिनम से बनाया जाता है जो 1000 डिग्री सेल्सियस तक का टेंपरेचर 1 घंटे तक सहन कर सकता है और इसकी खास बात यह है कि यह 1 महीने तक बिना इलेक्ट्रिसिटी के सिग्नल भेज सकता है यदि कोई एयरक्राफ्ट जमीन पर क्रैश हो जाता है तो इसका जो कलर है ऑरेंज उस कलर से इसको पहचाना जाता है और यदि कोई एयरक्राफ्ट पानी में गिर जाता है तो इसमें एक डिवाइस होती है “बीकन”

बीकन

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यह डिवाइस जब पानी के कांटेक्ट में आती है तो अल्ट्रासाउंड सिग्नल सेंड करती है | 1 महीने तक सिग्नल सेंड कर सकती है तो हम कह सकते हैं कि बीकन एक डिवाइस है जो अंडर वाटर में अपनी तरफ ध्यान अट्रैक्ट करती है जैसे कोई लाइटहाउस होता है वहां पर ऐसे लाइट देती है तो वह अपनी तरफ ध्यान अट्रैक्ट करती है उसी तरीके से पानी में जब कोई प्रॉब्लम आती है तो यह बीकन हेल्प के लिए अपनी तरफ ध्यान अट्रैक्ट करती है |

ब्लैक बॉक्स डाटा एनालाइज

जब कोई भी एयरक्राफ्ट क्रैश के बाद में इसका ब्लैकबॉक्स मिलता है तो इसके डाटा को रिटेन करने में इसमें दो वीक से भी ज्यादा टाइम लग सकता है इसका जितना भी डाटा है उसको लिखा जाता है और उसको एनालाइज किया जाता है कि कौन से साउंड पर कौन सा इवेंट कब घटित हुआ और पूरे डाटा को एनालाइज करने के बाद में यदि सरकार को लगता है कि यह जानकारी हमें पब्लिक में रिलीज करनी चाहिए तो गवर्नमेंट ऐसा कर सकती है वरना गवर्नमेंट चाहे तो डाटा रिलीज पब्लिक में नहीं करती है इसलिए जनरल किसी भी निष्कर्ष तक पहुंचने से पहले हमें ब्लैक बॉक्स के डाटा का वेट करना चाहिए तभी बताया जा सकता है कि असल में उस हेलीकॉप्टर या एयरप्लेन के साथ में हुआ क्या था और इसीलिए इस ब्लैक बॉक्स का इन्वेंशन हुआ था कि जब फ्यूचर में हेलीकॉप्टर में कोई प्रॉब्लम आए तो हम उसको सॉल्व कर सके और प्रॉब्लम्स का पता लगा सके कि हेलीकॉप्टर्स में जो क्रैश हुआ है उसका रीजन क्या है ताकि किसी दूसरे हेलीकॉप्टर में तो कम से कम यह प्रॉब्लम ना हो और उसमे सुधार किया जा सके |

यदि आपके मन में और भी कोई सवाल हो तो कृपया अपना सवाल कमेंट बॉक्स में जाके पूछे |

धन्यवाद |

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